उत्तर प्रदेश के वाराणसी में बनने वाला वाराणसी रोपवे (Varanasi Ropeway ) भारत का पहला एवं विश्व का तीसरा सार्वजनिक परिवहन रोपवे इस वर्ष की अंत तक बनकर तैयार हो जाएगा. यह रोपवे लंबाई के लिहाज से लगभग 4.2 किलोमीटर लंबा है जो की कैंट रेलवे स्टेशन जिसे कि हम वाराणसी जंक्शन के नाम से भी जानते हैं से शुरू होकर चर्च स्क्वेयर गोदौलिया से जोड़ने का काम करेगा. उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शुरू किए गए इस महत्वपूर्ण रोपवे प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य वाराणसी शहर में यातायात भीड़ को कम करना एवं परिवहन व्यवस्था को अच्छे तरीके से बनाए रखना है. भारती आबादी के साथ ही राज्य में यातायात भी बढ़ गया है, जिससे कि बाहर से आने वाले लोगों के लिए शहर में घूमने फिरने में परेशानी होती है. इसी को देखते हुए पर्यटन की दृष्टि से भी यह प्रोजेक्ट एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है.
Varanasi Ropeway Project
Varanasi Ropeway Project इसका अनुमानित खर्च लगभग 645 करोड़ है. इस पूरे प्रोजेक्ट में लगभग 220 केबल कार / ट्रॉली का उपयोग किया जाएगा. प्रत्येक ट्रॉली में लगभग 10 यात्री एक समय में यात्रा कर सकते हैं. यह ट्रॉली जमीन से लगभग 45 मीटर ऊपर चलाई जाएंगी जिससे कि लोगों को एक सुंदर एवं कुशल यातायात सुविधा मिलेगी. इस रूप में का उपयोग यात्री एवं सामान के लिए किया जाएगा. पर्यटकों के लिए भी यह एक बहुत अच्छी सुविधा है जिसमें की प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर और दशाश्वमेध घाट के साथ-साथ के साथ कई अन्य धार्मिक स्थलों तक इस रोपवे से पहुंचा जा सकता है. इस पूरे प्रोजेक्ट को पूरा करने में केंद्र सरकार की भागीदारी लगभग 50% एवं राज्य सरकार की 20% है.
रोपवे टेस्टिंग का काम जोरों पर
अभी मौजूदा समय में वाराणसी रोपवे मैं रथयात्रा और गोदौलिया के बीच लोट टेस्टिंग का काम दिसंबर महीने के तीसरे सप्ताह में शुरू होगा. लगभग सभी टावरों के निर्माण कार्य पूरे कर लिए गए हैं. अलग-अलग स्टेशनों का काम लगभग पूरा हो चुका है और खबरों की माने तो 15 जनवरी 2026 तक इस प्रोजेक्ट को पूरा कर लिया जाएगा. रथ यात्रा स्टेशन पर कंट्रोल रूम का काम भी पूरा हो चुका है. इसके अलावा एक अन्य स्टेशन कैंट रेलवे स्टेशन के सिविल का कार्य भी लगभग पूरा हो चुका है. इसमें अब केवल फिनिशिंग का कार्य बचा है जो की 90% पूरा हो चुका है. इसके अलावा काशी विद्यापीठ स्टेशन एवं रथ यात्रा स्टेशनों के फिनिशिंग का कार्य लगभग 96% पूरा हो चुका है. खबर के अनुसार तीन स्टेशनों को 15 दिसंबर तक पूरा तैयार कर दिए जाने का लक्ष्य रखा गया है.

वाराणसी रोपवे के फायदे
- यह रोपवे लोगों एवं समान के आवागमन में उपयोग होगा जिससे कि समय एवं लागत बचेंगे. इसके अलावा यातायात सुविधा में बाधा नहीं आएगी और लोग आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान तक जा सकते हैं.
- इस रोपवे परियोजना के शुरू होने से प्रमुख तीर्थ स्थल जैसे कि काशी विश्वनाथ मंदिर और दशाश्वमेध घाट तक पहुंचने में तीर्थ यात्रियों को आसानी हो जाएगी.
- पर्यटकों एवं तीर्थ यात्रियों के लिए यह रोवे एक बहुत अच्छी सुविधा है जिससे कि उनके धन एवं समय की बचत होगी.
- यातायात को सुचारू रखने में यह एक महत्वपूर्ण कार्य करेगा एवं शहर में भीड़ को भी काम करेगा.
- यह योजना केंद्र एवं राज्य सरकार के सांझ सहयोग से बनाई गई है जिससे कि आने वाले समय में इसे सुचारु रूप से चलाए रखने में परेशानी नहीं आएगी.
- 645 करोड रुपए की लागत से बना यह रोपवे लगभग 4.2 किलोमीटर लंबा है जिसमें लगभग 220 केबल कारों का उपयोग किया जाएगा. इस रोपवे के चलने की ऊंचाई लगभग 45 मीटर है.
वाराणसी रोपवे स्टेशन लिस्ट
- वाराणसी कैंट
- काशी विद्यापीठ
- रथ यात्रा स्टेशन
- गिरजाघर स्टेशन
- गोदौलिया चौक स्टेशन (काशी विश्वनाथ मंदिर के नजदीक)
वाराणसी रोपवे टिकट किराया (प्राइस)
- आधिकारिक रूप से अभी वाराणसी रोपवे के लिए किराया / टिकट प्राइस। पर पूर्ण रूप से जानकारी नहीं आई है. खबरों के अनुसार यह किराया लगभग ₹25 से लेकर ₹30 के बीच में होगा।
- कुछ न्यूज़ पोर्टल के अनुसार किराया स्टेशन अनुसार होगा जिसमें की 4 किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए लगभग ₹40 किराया होगा। प्रत्येक स्टेशन अनुसार ₹10 किराया रखा जाएगा।
नोट: किराए के बारे में अभी पूरी जानकारी अधिकारियों द्वारा सांझी नहीं की गई है. जैसे ही आधिकारिक रूप पर जानकारी साझा की जाएगी उसे हम भी अपनी वेबसाइट पर अपडेट करेंगे।
महत्वपूर्ण तिथि एवं जानकारी
| प्रोजेक्ट का नाम | वाराणसी रोपवे (काशी रोपवे) |
| प्रोजेक्ट का शुभारंभ | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा |
| पहले चरण का कार्य शुरू तिथि | 24 मार्च 2024 |
| प्रोजेक्ट के खत्म होने की तिथि | जनवरी 2026 (अनुमानित) |
| प्रोजेक्ट पर खर्च | लगभग 645 करोड़ |
| रोपवे द्वारा तय किए जाने वाला रास्ता | 4.2 किलोमीटर |
| रोपवे टावर की संख्या | 29 |
| स्टेशन की संख्या | 05 |
| राज्य एवं केंद्र सरकार का योगदान | 50% केंद्र सरकार एवं 20% राज्य सरकार |
| केवल कारों की संख्या | 220 |
| प्रत्येक ट्रॉली यात्री की संख्या | 10 यात्री |
| परिचालन की ऊंचाई | 45 मीटर |
| प्रतिदिन यांत्रिक क्षमता | 96,000 यात्री प्रतिदिन |
| प्रमुख बिंदु | भारत का पहला एवं विश्व का तीसरा परिवहन रोपवे |
रोपवे में सुविधाएं
- इस रोपवे के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 96000 यात्री अपनी यात्रा कर पाएंगे।
- रोपवे स्टेशन पर लिफ्ट की सुविधा प्रदान की जाएगी।
- एस्केलेटर की सुविधा भी दी जाएगी
- अलग से ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन लगाई जाएगी
- एटीएम की सुविधा दी जाएगी
- लॉकर रूम एवं रेस्टोरेंट जैसी सुविधाएं भी लोगों को दी जाएगी।
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टिकट बुकिंग की जानकारी
- ताजा जानकारी के अनुसार अभी वाराणसी रोपवे की टेस्टिंग का कार्य चल रहा है. जैसे ही टेस्टिंग का कार्य पूरा होगा इस प्रोजेक्ट को शुरू करने का अनुमानित लक्ष्य जनवरी 2026 तक रखा गया है.
- टिकट बुकिंग की सुविधा की जानकारी अभी तक आधिकारिक रूप से सांझी नहीं की गई है.
- खबरों के अनुसार टिकट बुकिंग के लिए स्टेशंस पर काउंटर बनाए जाएंगे। यात्री आसानी से टिकट काउंटर पर टिकट खरीद कर अपना सफर कर पाएंगे।
- ऑनलाइन टिकट बुक करने की सुविधा भी दी जाएगी।